नासा के कंप्यूटरों में लगी 13 बार सेंध
३ मार्च २०१२नासा ने जानकारी दी है कि 13 बार हैकर्स ने उनके कंप्यूटरों पर हमला किया. उन्हें आशंका है कि इससे अमेरिका की सुरक्षा को नुकसान पहुंच सकता है. नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडिमिनिस्ट्रेशन (नासा) के इंस्पेक्टर जनरल पॉल मार्टिन ने इसी हफ्ते अमेरिकी कांग्रेस को इस बारे में जानकारी दी है.
नवंबर में नासा को पता चला कि चीन के प्रोटोकॉल एड्रेस से काम कर रहे हैकर्स ने नासा के जेट प्रोपल्शन लैब के कंप्यूटरों में सेंध लगाई. जेपीएल नासा की महत्वपूर्ण प्रयोगशाला है और यहां 23 अंतरिक्ष यानों और साथ ही यहां बृहस्पति, मंगल और शनि के मिशन पर भी काम होता है.
पूरे सिस्टम पर हावी
बताया जा रहा है कि हैकर्स ने पूरे सिस्टम को अपने कब्जे में ले लिया था जिससे वे डाटा बदल सकते थे, इसे कॉपी कर सकते थे या संवेदनशील फाइलों को डिलीट भी कर सकते थे. इसके अलावा नया अकाउंट बना कर हैकिंग टूल्स भी कंप्यूटरों में डाल सकते थे. साथ ही वे यूजर्स की जानकारी चुरा सकते थे या नासा के किसी और सिस्टम में घुस सकते थे. हैकर्स अपनी कार्रवाई को छिपाने के लिए सिस्टम लोगो को बदलने में भी सफल हुए.
"हमारी समीक्षा से पता चला है कि सेंध लगाने वाले जेपीएल के सबसे वरिष्ठ यूजर्स के अकाउंट में घुसने में सफल रहे इस कारण वे जेपीएल के नेटवर्क में घुस पाए."
एक दूसरी सेंध में पिछले साल नासा के करीब डेढ़ सौ कर्मचारियों की जानकारी चुराने में हैकर्स सफल रहे. मार्टिन ने कहा कि उनके ऑफिस ने 2010 और 2011 में कई सौ कंप्यूटरों की सुरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी देखी.
उन्होंने यह भी कहा कि नासा ने डाटा कोड करने में और जानकारी की सुरक्षा के लिए बहुत धीमे काम किया. बिना कोड वाले कंप्यूटर जो या तो खो गए हैं या चोरी हो गई है उनमें कभी अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन को कंट्रोल करने के कोड्स होते हैं और नासा के संवेदनशील डाटा, कॉन्स्टेलेशन और ओरियन प्रोग्राम होते हैं.
नासा के एक प्रवक्ता ने रॉयटर्स को बताया कि एजेंसी इंस्पेक्टर जरनल के ऑफिस की सलाह लागू कर रही है. "नासा ने आईटी सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से लिया है और किसी भी समय अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के ऑपरेशन, डाटा चोरी के कारण रुके नहीं हैं."
रिपोर्टः रॉयटर्स/ आभा एम
संपादनः एन रंजन