बातचीत के अलावा कोई विकल्प नहीं: मनमोहन
२८ फ़रवरी २०१०मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ शांतिपूर्ण और सामान्य रिश्ते चाहता है और इस लक्ष्य के लिए पाकिस्तान की किसी भी पहल का जवाब देगा. सउदी अरब की यात्रा पर आए मनमोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ विवादित मुद्दों का निपटारा भारत के हित में है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ मिल कर लड़ाई लड़ना दोनों देशों के हित में है.
"हमारे रुख़ में कोई परिवर्तन नहीं आया है. हमें अच्छे पड़ोसियों की तरह बर्ताव करना चाहिए. आपसी मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत का कोई विकल्प नहीं है." मनमोहन के अनुसार बातचीत ऐसे माहौल में होनी चाहिए जिसमें आतंक की परछाई न हो.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पूछा गया था कि विदेश सचिव स्तर की वार्ता की शुरुआत भारत के बदलते रुख़ की ओर संकेत करती है. भारत ने कई बार दोहराया है कि ठप पड़ी बातचीत तभी शुरू होगी जब पाकिस्तान मुंबई हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगा. मनमोहन सिंह ने साफ़ शब्दों में कहा कि आज मुख्य मुद्दा आतंकवाद है.
कश्मीर विवाद के हल के लिए प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के साथ ऐसे माहौल में बातचीत की इच्छा जताई जिसमें आतंकवाद खलल न पैदा करे. मनमोहन ने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोगों ने आतंकवाद के दंश को झेला है इसके बावजूद उन्होंने बड़ी संख्या में लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेकर हिंसा को ख़ारिज किया है.
हाल ही में पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर और भारतीय विदेश सचिव निरुपमा राव के बीच वार्ता हुई थी जिसके बाद भारत ने कहा था कि समग्र बातचीत शुरू करने का समय अभी नहीं आया है. जहां पाकिस्तान ने सतही बातचीत पर निराशा ज़ाहिर करते हुए कहा कि वह बातचीत के लिए उतावला नहीं था तो भारत ने भी बयान में स्पष्ट कर दिया कि उसे भी बातचीत की जल्दी नहीं है.
रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़
संपादन: ओ सिंह