मरीजों के घर भांग का पौधा
३० दिसम्बर २०१२मिषाएल एफ गंभीर रूप से बीमार हैं. पश्चिमी जर्मन शहर मैनहाइम में रहने वाले शिल्पकार मिषाएल पिछले 20 साल से मल्टिपल स्क्लेरोसिस से जूझ रहे हैं. उन्हें बोलने में दिक्कत होती है और अकसर दौरे पड़ते हैं. वह कहते हैं भांग से उन्हें राहत मिलती है.
कानूनी भी सस्ती भी
इलाज के लिए भांग का इस्तेमाल होता है, लेकिन मिषाएल जैसे लोगों के लिए जर्मनी में भांग को इलाज के लिए इस्तेमाल करना न तो कानूनी तौर पर मान्य है न ही सस्ता. यह तब तक मुमकिन नहीं है जब तक म्यूंस्टर की संघीय प्रशासनिक न्यायालय वहां की अदालत के फैसले को मान्यता नहीं दे देती.
कुछ सख्त दिशा निर्देशों के तहत ही गंभीर रूप से बीमार मरीजों को भांग का पौधा उगाने की छूट मिल सकती है. जिन्हें किसी और दवा से फायदा नहीं मिल पा रहा हो, वे फेडरल इंस्टीट्यूट फॉर ड्रग्स एंड मेडिकल डिवाइसेस से अनुमति के बाद घर पर भांग उगा सकेंगे. इस पर डॉक्टरी नजर रखा जाना जरूरी है. इससे पहले भांग को खुद उगाने की सारी सिफारिशें स्वास्थ्य मंत्रालय ने खारिज कर दी थीं.
ड्रोनाबिनॉल भी एक विकल्प
अदालत ने यह भी कहा है कि अगर मरीज की बीमा कंपनी भांग से बनने वाली दवा ड्रोनाबिनॉल का खर्चा उठा सकती है तो ऐसे मरीज को भांग उगाने की छूट नहीं मिलनी चाहिए.
मिषाएल भांग से बनी महंगी दवाइयां नहीं खरीद सकते, इसलिए वह इसे अब अपने बाथरूम में उगा रहे हैं. पहले मिषाएल की बीमा कंपनी ने उन्हें ड्रोनाबिनॉल का खर्चा देने से इनकार कर दिया था. लेकिन इस आदेश के बाद वह उन्हें भांग उगाने के लिए पैसे देने को तैयार है.
मिषाएल और उनके वकील ओलिवर टॉलमाइन मानते हैं कि भांग की जगह ड्रोनाबिनॉल का विकल्प मरीजों के लिए काफी नहीं है, "ड्रोनाबिनॉल सिर्फ पूरक की तरह ही काम करता है. वे लोग जो इसे इस्तेमाल करते हैं उन्हें भांग की काफी कम मात्रा इतनी ही राहत दे सकती है."
अहम फैसला
भांग को दवा के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए बने संघ के अध्यक्ष फ्रांयो ग्रोथेनहैरमन इस फैसले को मील का पत्थर मानते हैं. वह कहते हैं कि भांग से बनी दवाइयां बहुत महंगी हैं और कई लोगों की पहुंच से बाहर भी. इस फैसले से अब वे लोग खुद घर पर भांग उगाकर इलाज कर पाएंगे.
भांग का शौकिया इस्तेमाल दुनिया के ज्यादातर देशों में गैरकानूनी है. लेकिन अब कई देश इसे इलाज के लिए कानूनी दर्जा देने के बारे में सोच रहे हैं. कनाडा, इस्राएल और नीदरलैंड्स इसे कानूनी शक्ल दे चुके हैं. अमेरिका में भी कई जगह इलाज के लिए इसका इस्तेमाल गैरकानूनी नहीं है.
रिपोर्टः मार्कुल ल्यूटिके, जॉन ब्लाऊ (एसएफ)
संपादनः ए जमाल