"विकास में भारत की भारी भूमिका"
७ जनवरी २०१०क्लिंटन ने भारत के साथ चीन और ब्राज़ील को भी अहम देश बताया. उन्होंने कहा, "चीन, भारत और ब्राज़ील दुनिया के विकास में बड़ा योगदान करने वाले देशों के तौर पर उभर रहे हैं. इन देशों को अहम भूमिका निभाने का अवसर मिल रहा है. साथ ही टिकाऊ समाधानों को सहारा देने की ज़िम्मेदारी भी उनके ऊपर आ रही है." 21वीं सदी में विकास के विषय पर एक भाषण में क्लिंटन ने कहा, "नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, नीदरलैंड्स, ब्रिटेन, जापान और दूसरे देश लंबे समय से दर्जनों देशों में अरबों की मदद देते रहे हैं."
क्लिंटन ने कहा कि विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, यूएनडीपी और बीमारियों से लड़ने के लिए बनाए गए कोषों के पास वे संसाधन हैं जिनके दम पर वे बहुत से देशों की मदद कर सकते हैं. ख़ासकर ये बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और वित्तीय क्षेत्रों में ज़रूरतमंद देशों की मदद कर सकते हैं. इनके अलावा गेट्स फ़ाउंडेशन, केयर, क्लिंटन फ़ाउंडेशन, ऑक्सफ़ैम जैसे मुनाफ़ा रहित और ग़ैर सरकारी संगठनों के साथ साथ एसीसीआईओएन और ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल जैसे संगठन भी अपने अनुभव और संसाधनों से लोगों की मदद कर सकते हैं.
रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार
संपादनः ए जमाल